प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
a. 2030 तक 50 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य
b. खेल, सांस्कृतिक उद्योग, SME और औद्योगिक सहयोग के लिए 4 MoU
c. CEPA (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते) को अपग्रेड करने पर सहमति
d. भारत-कोरिया डिजिटल ब्रिज का शुभारंभ – AI, सेमीकंडक्टर, IT पर फोकस
विस्तृत समाचार
भारत और दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को अपने आर्थिक संबंधों को नई ऊँचाई देने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच नई दिल्ली में हुई प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने 2030 तक 50 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया।
वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 27 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है।
चार अहम MoU पर हस्ताक्षर
दोनों देशों के बीच निम्नलिखित चार क्षेत्रों में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए:
1. खेल (Sports) – खेल सहयोग और आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए
2. सांस्कृतिक एवं क्रिएटिव इंडस्ट्री – सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्रों में साझेदारी
3. लघु एवं मध्यम उद्यम (SME) – दोनों देशों के SME क्षेत्र को मज़बूती देने के लिए
4. औद्योगिक सहयोग समिति की स्थापना – Industrial Cooperation Committee के गठन हेतु
CEPA अपग्रेड और डिजिटल ब्रिज
दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को अपग्रेड करने की वार्ता फिर से शुरू करने के लिए संयुक्त घोषणापत्र का आदान-प्रदान किया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-कोरिया बिज़नेस फोरम के उद्घाटन सत्र में भी इस पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत-कोरिया डिजिटल ब्रिज लॉन्च किया जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में साझेदारी को और गहरा करेगा।
इंडो-पैसिफिक में साझा भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर एक शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी इंडो-पैसिफिक के निर्माण में योगदान देते रहेंगे।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने इस अवसर पर कहा कि भारत ग्लोबल साउथ में एक नेता के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता के इस दौर में दोनों देश पारस्परिक विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सबसे आदर्श भागीदार बन सकते हैं।
विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग
विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी में हुई समग्र प्रगति की समीक्षा की और आर्थिक सहयोग को और मज़बूत बनाने पर बल दिया।
स्रोत: DD News | यह समाचार सार्वजनिक प्रसारण सेवा द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है।
