लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में अपराध, अपराधी और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू है, जिसके परिणाम अब आंकड़ों में दिखाई दे रहे हैं।
अपराध नियंत्रण में यूपी पुलिस का दावा
डीजीपी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस हर वर्ष औसतन करीब 7 लाख अपराधियों को गिरफ्तार कर रही है। बेहतर पुलिसिंग, अधिकारियों की रणनीतिक तैनाती और टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी से अपराध दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
साल 2017 की तुलना में-
– बलात्कार के मामलों में 53% की गिरावट
– डकैती की घटनाओं में 91% की कमी
– अपहरण के मामलों में 17% की कमी
48 अपराधी मुठभेड़ में ढेर, 1.25 लाख दोषसिद्ध
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि इस वर्ष अब तक 48 अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए, जो बीते कुछ वर्षों में सबसे अधिक हैं। वहीं ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत जुलाई 2023 से अब तक-
– 1,25,985 अपराधियों को सजा दिलाई गई
– 79 दोषियों को मिला मृत्युदंड
NCRB रिपोर्ट: क्राइम रेट में यूपी 20वें स्थान पर
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए डीजीपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में क्राइम रेट के आधार पर 20वें स्थान पर है, जो पहले की तुलना में सुधार दर्शाता है।
साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई
साइबर फ्रॉड के खिलाफ यूपी पुलिस ने इस साल बड़े स्तर पर कार्रवाई की है-
– 77,622 साइबर ठगी से जुड़े नंबर ब्लॉक
– 17,000 से अधिक मोबाइल हैंडसेट निष्क्रिय
– 325 करोड़ रुपये की ठगी गई रकम फ्रीज
– कुल ठगी गई राशि का 25% फ्रीज, जबकि पिछले साल 11% था आंकड़ा
इसके अलावा 18 हजार पुलिसकर्मियों को साइबर क्राइम प्रशिक्षण दिया गया और 331 आरोपियों को एएनटीएफ ने गिरफ्तार किया।
ड्रग्स और अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर शिकंजा
डीजीपी ने बताया कि-
– 15 मामलों में PIT-NDPS के तहत कार्रवाई
– 16 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध धनराशि जब्त
– एसटीएफ ने बरेली में अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के नेटवर्क पर की प्रभावी कार्रवाई
‘यक्ष ऐप’ से बीट पुलिस को मिलेगी डिजिटल ताकत
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस ‘यक्ष ऐप’ का शुभारंभ किया है, उससे हर बीट सिपाही को अपने क्षेत्र के अपराधियों की जानकारी रियल-टाइम में उपलब्ध होगी, जिससे अपराध की रोकथाम और तेज होगी।
सड़क हादसों और मौतों में भी गिरावट
यातायात सुधार अभियानों के चलते-
– सड़क हादसों में 11.7% की कमी
– हादसों में हुई मौतों में 6.08% की गिरावट
मिशन शक्ति का असर: महिला अपराधों में कमी
डीजीपी के अनुसार, मिशन शक्ति के तहत हर थाने में 24×7 महिला सहायता केंद्र सक्रिय हैं। मिशन शक्ति शुरू होने के तीन महीने पहले और बाद के आंकड़ों को देखें तो-
– रेप के मामलों में 33% की कमी
– अपहरण में 17% की कमी
– दहेज हत्या में 12% की कमी
आत्महत्या रोकने में मेटा अलर्ट की भूमिका
जनवरी 2023 से लागू मेटा अलर्ट सिस्टम के जरिए 1,779 लोगों को आत्महत्या से बचाया गया, जिसे पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक उपलब्धि बताया।
निष्कर्ष
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि यूपी पुलिस अब केवल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि प्रिवेंटिव, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और रिज़ल्ट-ओरिएंटेड पुलिसिंग पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में अपराध नियंत्रण के आंकड़े और बेहतर होंगे।
