पंचायत चुनाव की तैयारियों के क्रम में राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण की प्रारंभिक सूची सार्वजनिक कर दी है। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार इस सूची पर 30 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। इसके बाद 31 दिसंबर से 6 जनवरी 2026 के बीच आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम रूप से संशोधित मतदाता सूची 6 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पंचायत चुनाव को लेकर पूरे राज्य में मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया गया था। इस अभियान के दौरान 1.81 करोड़ नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया, जबकि 1.41 करोड़ ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए जो अयोग्य पाए गए। इस प्रक्रिया के बाद पिछली मतदाता सूची की तुलना में कुल 40.19 लाख मतदाताओं की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जारी की गई मतदाता सूची बुधवार से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://sec.up.nic.in/ पर उपलब्ध रहेगी। इसके माध्यम से मतदाता
a. अपना नाम
b. पता
c. मतदान केंद्र
d. और अन्य विवरण
आसानी से ऑनलाइन देख सकेंगे।
आपत्ति दर्ज कराने का तरीका
यदि किसी मतदाता को सूची में दर्ज विवरणों को लेकर आपत्ति है या किसी नाम को जोड़ने अथवा हटाने की आवश्यकता है, तो वह संबंधित दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय सीमा में आवेदन कर सकता है। इसके लिए मतदाता
a. संबंधित बीएलओ
b. ब्लॉक कार्यालय
c. एसडीएम कार्यालय
से संपर्क कर सकता है।
पंचायत चुनाव की तैयारी को मिला रफ्तार
मतदाता सूची जारी होने के साथ ही पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन आयोग का कहना है कि सही और अद्यतन मतदाता सूची के आधार पर ही निष्पक्ष चुनाव कराना आयोग की प्राथमिकता है। पंचायत चुनाव 2026 में प्रस्तावित हैं, जिसे देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से कर रहा है।
निष्कर्ष
मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया पंचायत चुनाव की नींव मानी जाती है। ऐसे में सभी पात्र मतदाताओं को चाहिए कि वे समय रहते सूची में अपना नाम जांच लें और यदि कोई त्रुटि हो तो 30 दिसंबर 2024 से पहले आपत्ति दर्ज कराएं, ताकि अंतिम सूची में कोई गड़बड़ी न रह जाए।
