अम्बेडकरनगर, 18 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में आज से श्रवण धाम महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। यह तीन दिवसीय आयोजन 18 से 20 जनवरी तक श्रवण क्षेत्र धाम (भिंटी-चिउटीपारा) में श्रद्धा, संस्कृति और लोक कला का संगम पेश करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने तैयारियां अंतिम चरण में पूरी कर ली हैं और कार्यक्रमों का शुभारंभ आज सुबह पूजा-हवन के साथ किया गया।
महोत्सव: पौराणिक आस्था से आधुनिक उत्सव तक
श्रवण क्षेत्र धाम का नाम हिन्दू पौराणिक कथा श्रवण कुमार से जुड़ा है, जो माता-पिता की सेवा और पितृभक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। स्थानीय मान्यता है कि इसी स्थल पर उन्होंने अपने दिवंगत पिता-माता की अंतिम यात्रा पूरी की थी, जिससे यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस पौराणिक विवेचना के दम पर यह क्षेत्र रामायण काल से जुड़ी धार्मिक परंपरा का भी हिस्सा माना जाता है, जिससे यहां आस्था-पर्यटन को मजबूती मिलती है।

महोत्सव का आयोजन और तैयारियां
महोत्सव का शुभारंभ आज सुबह पूजन-हवन के साथ हुआ, जिसके बाद सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी है। जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने प्रवेश-निकास, सुविधा-स्थलों और बैठने की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया है ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिले।
स्थानीय प्रशासन ने स्थल पर साफ-सफाई अभियान भी चलाया है, विशेषकर घाटों और तटों पर सुंदर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए, ताकि दीपोत्सव और अन्य शाम-कार्यक्रमों में आकर्षक माहौल बना रहे।
मुख्य आकर्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रम
श्रवण धाम महोत्सव में तीनों दिनों में भक्ति, कला और संस्कृति के विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है:
18 जनवरी: पूजा-हवन, लोक कलाकारों के कार्यक्रम, दीपोत्सव और भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा की प्रस्तुति।
19 जनवरी: दिन भर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लोक नृत्य और शाम को कवि सम्मेलन, जिसमें कवि कुमार विश्वास अपने गीतों-कविताओं से दर्शकों का मन मोहेंगे।
20 जनवरी: सुबह 10 किमी हाफ-मैराथन, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ, युवा सम्मेलन और रात को रामलीला का भव्य मंचन, समापन समारोह के रूप में।
महोत्सव के दौरान लाइट और साउंड शो, लेजर शो और लोक नृत्यों जैसे कार्यक्रम भी शाम को आयोजित किए जा रहे हैं, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं।
सरकारी योजनाओं का प्रदर्शन और पर्यटन को बढ़ावा
महोत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सरकारी योजनाओं, उपलब्धियों और जन-कल्याण गतिविधियों का प्रदर्शन भी है। विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं जहां नागरिक योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और उनसे संवाद कर सकते हैं। आयोजन का एक उद्देश्य स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देना और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को उजागर करना भी है।
भविष्य में संभावनाएं
श्रवण धाम को रामायण सर्किट का हिस्सा बनाने के प्रयास भी इस महोत्सव के माध्यम से किए जा रहे हैं, जिससे अंबेडकरनगर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन का विस्तार संभव हो सके। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण पर्यटन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
