लखनऊ, 18 जनवरी 2026: बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने संगीतकार ए आर रहमान पर तीखा हमला बोला है। कंगना ने रहमान को ‘पूर्वाग्रही और घृणित’ बताते हुए कहा कि उन्होंने उनकी फिल्म ‘इमरजेंसी’ के लिए मिलने से इनकार कर दिया और इसे ‘प्रोपगैंडा फिल्म’ करार दिया था। यह विवाद रहमान के हालिया इंटरव्यू के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने बॉलीवुड में सांप्रदायिक पूर्वाग्रह की बात कही थी।
कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर रहमान के बीबीसी एशियन नेटवर्क इंटरव्यू का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “प्रिय @arrahman जी, मैं फिल्म इंडस्ट्री में भगवा पार्टी का समर्थन करने के कारण इतना पूर्वाग्रह और पक्षपात का सामना करती हूं, फिर भी मुझे कहना पड़ता है कि मैंने आपसे ज्यादा पूर्वाग्रही और घृणित व्यक्ति नहीं देखा। मैं अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘इमरजेंसी’ की कहानी आपको सुनाना चाहती थी, सुनाना तो दूर, आपने मिलने से भी इनकार कर दिया था। आपने इसे प्रोपगैंडा फिल्म कहा। आप अपनी घृणा और पूर्वाग्रह से अंधे हो चुके हैं, आपको पता नहीं कि आपने कितनी शानदार फिल्म मिस कर दी, अब यह फिल्म समीक्षकों और दर्शकों द्वारा सराही जा रही है, मुझे आपके लिए दुख है।”
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद ए आर रहमान के हालिया बीबीसी इंटरव्यू से शुरू हुआ, जहां उन्होंने बॉलीवुड में काम न मिलने के पीछे ‘सांप्रदायिक पूर्वाग्रह’ का जिक्र किया। रहमान ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पूर्वाग्रह के कारण उन्हें कम प्रोजेक्ट्स मिल रहे हैं। उन्होंने विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ को ‘विभाजनकारी’ बताते हुए कहा कि यह फिल्म ‘विभाजन’ पर कैश इन कर रही है। इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं, कई लोगों ने इसे ‘सांप्रदायिक’ करार दिया।
कंगना, जो हमेशा से बॉलीवुड में नेपोटिज्म और पक्षपात के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं, ने रहमान के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह खुद भगवा पार्टी (भाजपा) का समर्थन करने के कारण इंडस्ट्री में भेदभाव का शिकार होती हैं, लेकिन रहमान का व्यवहार इससे भी बदतर है। कंगना की फिल्म ‘इमरजेंसी’ 1975-1977 की भारतीय इमरजेंसी पर आधारित है, जिसमें उन्होंने इंदिरा गांधी का किरदार निभाया और फिल्म को निर्देशित भी किया। फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।
मसाबा गुप्ता पर भी निशाना
कंगना ने इसी पोस्ट में डिजाइनर मसाबा गुप्ता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राम जन्मभूमि दर्शन के लिए जब उन्होंने मसाबा की साड़ी मांगी, तो डिजाइनर ने इनकार कर दिया क्योंकि कंगना की राजनीतिक विचारधारा से वह सहमत नहीं थीं। कंगना ने इसे ‘अपमानजनक’ बताया और कहा कि इंडस्ट्री में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां राजनीतिक झुकाव के कारण भेदभाव होता है।
बॉलीवुड में पूर्वाग्रह का मुद्दा
यह विवाद बॉलीवुड में लंबे समय से चली आ रही बहस को फिर से हवा दे रहा है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद नेपोटिज्म पर बहस छिड़ी थी, जिसमें कंगना ने सक्रिय भूमिका निभाई। रहमान जैसे दिग्गज कलाकार का पूर्वाग्रह का जिक्र करना इंडस्ट्री की गतिशीलता पर सवाल उठाता है। कई सेलेब्स जैसे जावेद अख्तर, शोभा डे और शान ने रहमान के बयान पर प्रतिक्रिया दी है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स कंगना के समर्थन में उतर आए हैं, जबकि कुछ रहमान का पक्ष ले रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “कंगना सही कह रही हैं, इंडस्ट्री में राजनीतिक पूर्वाग्रह बहुत है।” वहीं, दूसरे ने कहा, “रहमान जैसे कलाकार को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए।”
कंगना और रहमान का करियर
कंगना रनौत मंडी से भाजपा सांसद हैं और चार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी हैं। उनकी फिल्म ‘इमरजेंसी’ राजनीतिक ड्रामा है जो इंदिरा गांधी के जीवन पर आधारित है। वहीं, ए आर रहमान ऑस्कर विजेता संगीतकार हैं, जिन्होंने ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ जैसी फिल्मों के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की। दोनों ही कलाकार अपनी-अपनी फील्ड में दिग्गज हैं, लेकिन यह विवाद उनके बीच तनाव पैदा कर सकता है।
यह घटना बॉलीवुड में राजनीति और कला के मिश्रण को उजागर करती है। फिलहाल, रहमान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और क्या मोड़ लेगा, यह देखना बाकी है।
