लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय का एक और उदाहरण सामने आया है। लखनऊ में एक सेवानिवृत्त मेजर की बेटी अंजना को 24 घंटे के भीतर उनका करोड़ों रुपये का पैतृक मकान वापस मिल गया। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भूमाफियाओं को गिरफ्तार किया और मकान को अवैध कब्जा मुक्त कराया।
सीएम से मिलने के 24 घंटे में मिला न्याय
सीजोफ्रेनिया से पीड़ित अंजना पिछले कई वर्षों से रिहैब सेंटर में इलाजरत हैं। बुधवार को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताई कि भूमाफियाओं ने उनके इंदिरा नगर स्थित पैतृक मकान पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा कर लिया है। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। नतीजा यह रहा कि गुरुवार दोपहर से पहले ही अंजना को उनका मकान वापस मिल गया।
सेना के मेजर की बेटी हैं अंजना
अंजना के पिता स्वर्गीय बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में मेजर थे। उनका लखनऊ के इंदिरा नगर में ए-418 नंबर का मकान है। वर्ष 1994 में उनके निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। समय के साथ अंजना के भाई और एक बहन का भी निधन हो गया। परिवार में अकेली बचीं अंजना मानसिक बीमारी से जूझती रहीं और 2016 से रिहैब सेंटर में रह रही हैं।
बीमारी का फायदा उठाकर किया गया कब्जा
पुलिस जांच में सामने आया कि अंजना की बीमारी का फायदा उठाकर चंदौली निवासी बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मकान अपने नाम कराने की कोशिश की और घर पर अपना बोर्ड भी लगा दिया। अंजना की ओर से पहले स्थानीय थाने में शिकायत दी गई, लेकिन जब कार्रवाई में देरी हुई तो उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई।
घर में प्रवेश करते ही छलके खुशी के आंसू
गुरुवार को जब पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में अंजना अपने घर में दाखिल हुईं, तो भावुक हो गईं। वे हर कमरे में गईं, दीवारों को छुआ, नारियल फोड़ा और दीप जलाकर पुराने दिनों को याद किया। पड़ोस की महिलाओं से लिपटकर रोती हुई अंजना ने कहा- “थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू।”
दो आरोपी गिरफ्तार
एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में त्वरित जांच कर दोनों आरोपियों बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू और मनोज कुमार यादव-को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
संवेदनशील शासन की मिसाल
यह मामला न सिर्फ भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में अब पीड़ितों की आवाज सीधे शासन तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से एक सैनिक की बेटी को नया साल अपने ही घर की छांव में बिताने का अवसर मिला।
