उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का दसवां बजट पेश किया। 9.12 लाख करोड़ रुपये के इस विशाल बजट में युवाओं, महिलाओं और शिक्षा क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है। यह 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट है।
बजट की मुख्य बातें
वित्त मंत्री ने बताया कि यह बजट पिछले बजट से 12.9 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.20 लाख रुपये होने का अनुमान है। सरकार ने दावा किया कि 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है और बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है।
युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता
बजट में 10 लाख नए रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई:
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य प्रति वर्ष एक लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना करना है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो युवाओं को जॉब सीकर से जॉब गिवर बनाने में मदद करेगी।
सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की नई योजना के लिए 575 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
शिक्षा क्षेत्र को कुल बजट का 12.4 प्रतिशत और स्वास्थ्य को 6 प्रतिशत आवंटन किया गया है।
मेडिकल शिक्षा में क्रांति
प्रदेश के बाकी 16 जिलों में पीपीपी मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिसके लिए 1023 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं।
एमबीबीएस सीटें 2017 के 4540 से बढ़कर अब 12,800 हो गई हैं, जबकि पीजी सीटें 1221 से बढ़कर 4995 हो गई हैं। चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ और चिकित्सा स्वास्थ्य के लिए 37,956 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। लखनऊ में कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान है।
उच्च शिक्षा का विस्तार
उच्च शिक्षा का बजट 6591 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष से 7 प्रतिशत अधिक है।
तीन नई यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी:
a. मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर) – 50 करोड़
b. गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद) – 50 करोड़
c. मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) – 50 करोड़
शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के लिए 21 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे मेधावी छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी।
महिलाओं के लिए अलग कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे कार्यबल में उनकी सहभागिता बढ़ेगी।
विवाह अनुदान में बड़ी बढ़ोतरी
गरीब परिवार की बेटियों की शादी के लिए अनुदान राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके लिए कुल 150 करोड़ रुपये का प्रावधान है – अनुसूचित जाति के लिए 100 करोड़ और सामान्य वर्ग के निर्धन परिवारों के लिए 50 करोड़ रुपये।
कौशल विकास पर जोर
युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने हेतु कौशल विकास केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और नए केंद्र खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो युवाओं को इंटर्नशिप और प्रशिक्षण की सुविधा देगी।
पीपीपी मॉडल पर विभिन्न जनपदों में कौशल संवर्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचा
औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। एमएसएमई सेक्टर के लिए 3822 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
ऊर्जा और प्रौद्योगिकी
ऊर्जा क्षेत्र के लिए 65,926 करोड़ रुपये का विशाल आवंटन किया गया है। प्रदेश में 8 डेटा सेंटर पार्क खोलने की योजना है, जिनकी कुल क्षमता 900 मेगावॉट होगी। स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स की स्थापना का निर्णय लिया गया है। AI मिशन और टेक युवा समर्थ युवा योजना लॉन्च की जाएगी।
सड़क और परिवहन
सड़क और सेतु निर्माण के लिए 34,468 करोड़ रुपये का प्रावधान है। नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
नागरिक उड्डयन के लिए 2111 करोड़ रुपये और हवाई पट्टियों के निर्माण व भूमि अर्जन के लिए 1100 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पांच पट्टियों के निर्माण के लिए 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
स्मार्ट सिटी और शहरी विकास
सात नए स्मार्ट सिटी विकसित किए जाएंगे – अयोध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन, मेरठ और शाहजहांपुर।
नई सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अयोध्या के विकास पर 100 करोड़ रुपये खर्च का अलग से प्रावधान है।
कृषि और ग्रामीण विकास
कृषि और संबद्ध सेवाओं के लिए कुल बजट का 9 प्रतिशत आवंटन किया गया है। पंचायतीराज विभाग को 32,090 करोड़ रुपये मिले हैं। ग्राम पंचायतों के लिए 4580 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
विश्व बैंक सहायतित यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना होगी। डीजल आधारित नलकूपों को सौर ऊर्जा आधारित बनाया जाएगा। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति के लिए 22,676 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
विशेष परियोजनाएं
लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र में नाइट सफारी के लिए 207 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति की नई योजना के लिए 14 करोड़ 50 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। असाध्य रोगों के इलाज के लिए 130 करोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 8641 करोड़ रुपये का आवंटन है।
निवेश और रोजगार की उपलब्धियां
चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं, जिनसे करीब 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना है।
इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 4 ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह पूरे हो चुके हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में अग्रणी
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन गया है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत यहां होता है।
भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
नई योजनाओं का आवंटन
इस बजट में 43 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाओं की घोषणा की गई है। डिजिटल इंटरप्रन्योरशिप योजना पर काम होगा और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सुगम बनाया जाएगा।
सतत विकास में प्रगति
एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग वर्ष 2018-19 में 29वें स्थान से बेहतर होकर 2023-24 में 18वें स्थान पर आ गई है।
यह बजट युवाओं, महिलाओं और समग्र विकास पर केंद्रित है। रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे पर सरकार का विशेष ध्यान स्पष्ट दिखाई देता है। 2027 के चुनाव से पहले यह बजट योगी सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का दस्तावेज है।
