मुख्यमंत्री ने यूपी दिवस और माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा की
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 24 से 26 जनवरी के बीच मनाए जाने वाले उत्तर प्रदेश दिवस को इस वर्ष विशेष भव्यता और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार शाम यूपी दिवस की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार प्रदेश स्तरीय मुख्य समारोह लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही नोएडा शिल्पग्राम, गौतमबुद्ध नगर सहित प्रदेश के सभी जिलों, देश के अन्य राज्यों और विदेशों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के निवासी रहते हैं।
संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रभाव जागरण कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक विरासत को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का मंच है। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यक्रमों में सरदार वल्लभ भाई पटेल, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, वंदे मातरम् और आनंद मठ से जुड़ी नाट्य प्रस्तुतियों को विशेष रूप से शामिल किया जाए। योगी आदित्यनाथ ने पारंपरिक और पुराने वाद्ययंत्रों के प्रयोग पर भी जोर देते हुए कहा कि इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त होगी।
गांव से राजधानी तक कलाकारों को मिलेगा मंच
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ब्लॉक, नगर और जिला स्तर पर गायन, वादन, नृत्य और नाट्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को पहले मंडल स्तर पर प्रस्तुति का अवसर दिया जाएगा और वहां से चयनित श्रेष्ठ कलाकारों को लखनऊ में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में प्रस्तुति और सम्मान प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों, कवियों और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि उन्हें प्रोत्साहन मिल सके।
यूपी गौरव, ओडीओपी और उत्कृष्ट कार्यों का होगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान, एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) से जुड़े उद्यमियों, विश्वकर्मा श्रम सम्मान प्राप्त कारीगरों, माटी कला बोर्ड के उत्कृष्ट शिल्पकारों, खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, चिकित्सकों, प्रगतिशील किसानों और वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जिलों में मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, निगम और बोर्ड के चेयरमैन समेत अन्य विशिष्ट अतिथियों को कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाए।
प्रवासी यूपीवासियों को जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिल्ली, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों और विदेशों में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के प्रवासी नागरिक रहते हैं। ऐसे राज्यों और देशों में भी उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर भव्य आयोजन किए जाएं। इन कार्यक्रमों में वहां के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश से जुड़े विशिष्ट लोगों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाए। साथ ही अन्य राज्यों में रह रहे उत्तर प्रदेश के ऐसे तीन से पांच लोगों को सम्मानित किया जाए, जिन्होंने उद्यमिता, व्यापार, नवाचार, शिक्षा, कला, विज्ञान या प्रशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।
ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों की होगी व्यापक प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ODOP उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुका है। उत्तर प्रदेश दिवस के दौरान प्रदेश के सभी जीआई टैग उत्पादों और एक जिला-एक उत्पाद की व्यापक शोकेसिंग सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही विभागों की उपलब्धियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शित की जाए। इस बार एक जिला-एक कुजीन की अवधारणा पर भी विशेष फोकस रहेगा, जिससे प्रदेश की पारंपरिक खान-पान संस्कृति को बढ़ावा मिले।
माघ मेले में सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने 3 जनवरी से प्रयागराज में शुरू हो रहे माघ मेले की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। सीएम ने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त पार्किंग और शौचालयों की व्यवस्था हो, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी रखी जाए और नाविकों के पास लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क वसूलने पर सख्त रोक लगाने और मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
अधिकारियों को जनसुनवाई और मेरिट आधारित तैनाती के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक समेत सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों की बैठक भी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी नियमित रूप से जनसुनवाई करें और जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि फील्ड में योग्य और कर्मठ अधिकारियों की तैनाती होनी चाहिए। आयुक्त और जिलाधिकारी राजस्व मामलों की नियमित समीक्षा करें, वहीं एडीजी, आईजी, पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अपने अधीनस्थ अधिकारियों की जवाबदेही तय करें और मेरिट के आधार पर तैनाती सुनिश्चित करें।
