जालौन के कुठौंद निवासी इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की आत्महत्या का मामला दिन-ब-दिन उलझता जा रहा है। घटना की मुख्य आरोपित महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फोन रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, घटनास्थल से भागने का क्रम और मीनाक्षी की जीवनशैली से जुड़े दावे मामले को और पेचीदा बना रहे हैं। SP ने CO के नेतृत्व में SIT का गठन कर व्यापक जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
a. शुक्रवार रात लगभग 9:16 बजे कुठौंद थाना परिसर के सरकारी आवास में गोली चली और इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय गंभीर रूप से घायल पाए गए। उन्हें अस्पताल में डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया।
b. CCTV में दिखता है कि मीनाक्षी रात 9:15 बजे फोन पर किसी से बातचीत करते इंस्पेक्टर के सरकारी आवास की ओर जा रही थी; गोली चलने के बाद 9:18 बजे वह कमरे से भागती और चिल्लाते हुए बाहर आयी कि “साहब ने गोली मार ली है” और फिर मौके से फरार हो गई।
c. मौके पर पहुंची पुलिस ने इंस्पेक्टर का शव मच्छरदानी के अंदर खून से लथपथ पाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि सिर के दाहिने कनपटी के पास से चलायी गयी गोली आर-पार निकल गई थी। शरीर के पास 9 मिमी सर्विस पिस्तौल पड़ी मिली।
d. पीड़ित के परिजनों- पत्नी माया राय ने मीनाक्षी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया और बाद में मीनाक्षी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत जिला कारागार भेज दिया।
फोन रिकॉर्ड, वीडियो कॉल और साक्ष्य
विभागीय सूत्रों के अनुसार यह भी पता चला है कि घटना से पहले तीन दिनों में मीनाक्षी और इंस्पेक्टर के बीच 100 से ज्यादा फोन/वीडियो कॉल हुए। मीनाक्षी के पास कुछ कॉल रिकॉर्डिंग भी मिलीं। शुरुआती जांच में मीनाक्षी के पास से 3 फोन और 4 सिम बरामद हुए, सभी के डेटा खंगाला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को मीनाक्षी के कई साथियों और उच्च अधिकारियों के साथ कॉल रिकॉर्ड में संपर्क मिले हैं, जिससे विभाग में हलचल मच गयी है। CCTV और कॉल लॉग जांच SIT का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं – यह तय किया जा रहा है कि घटनास्थल पर मीनाक्षी की मौजूदगी, बहस और गोली चलने का क्रम किस तरह से रहा होगा।
आरोप, शक और जीवनशैली से जुड़ी दलीलें
मृतक की पत्नी माया राय ने आरोप लगाया है कि मीनाक्षी ने या तो खुद हत्या की या किसी से करवाई। मीनाक्षी ने पूछताछ में संबंध होने की बात स्वीकार की है पर ब्लैकमेलिंग या हत्या के आरोप से इनकार किया। विभागीय चर्चा और स्थानीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि मीनाक्षी की रहन-सहन हाई-फाई थी। सरकारी आवास में एसी, iPhone, हाल ही में तीन लाख रुपए के नेकलेस व डायमंड रिंग जैसी खरीदारी समेत महंगी जीवनशैली पर लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ खबरे यह भी बता रही हैं कि मीनाक्षी की शादी (8 फरवरी 2026) को तय थी और आरोप है कि मीनाक्षी शादी का खर्च उठाने के लिए इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय पर दबाव बना रही थी। ब्लैकमेलिंग और दबाव आत्महत्या का कारण थे या नहीं इस बात की भी जांच की जा रही है।
मीनाक्षी का पिछला रिकॉर्ड और तैनाती संबंधी घटनाएँ
मीनाक्षी का पुराना रिकॉर्ड विवादों से जुड़ा रहा है। वह बरेली के बहेड़ी थाने में भी तैनात रह चुकी है, जहां उनकी तैनाती के दौरान थाना परिसर में फायरिंग संबंधी घटनाक्रम दर्ज हुआ था। उस समय कई कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी हुई थी। पुलिस टीम अब उन रिकॉर्डों और तबादले के कारणों की भी पड़ताल कर रही है।
जांच: SIT का गठन और अगले कदम
जालौन SP डॉ. दुर्गेश कुमार ने CO शैलेन्द्र वाजपेयी के नेतृत्व में SIT गठित की है। टीम में कुठौंद थाने के नए इंस्पेक्टर, वरिष्ठ उप निरीक्षक व अन्य तैनात कर्मचारियों को रखा गया है ताकि पारदर्शी और तेज़ जांच हो सके। SIT की प्राथमिकता:
(1) फोन-मेसेज/वीडियो कॉल लॉग का फोरेंसिक विश्लेषण
(2) CCTV फुटेज का क्रमबद्ध अध्ययन,
(3) पोस्टमार्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा और
(4) मीनाक्षी व अन्य संदिग्धों के संबंधों व अनुपस्थितियों की स्पष्ट जांच।
जांच यह भी देखेगी कि कहीं घटना आत्महत्या की शक्ल में तो नहीं करायी गई, या किसी तीसरे पक्ष की संलिप्तता रही है – सभी पहलुओं पर वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल की जायेगी।
निष्कर्ष
घटना की बारीक पड़ताल और फोरेंसिक जांच ही बताएगी कि यह हत्या थी या आत्महत्या। फिलहाल मामला जटिल है- फोन रिकॉर्ड, कई उच्चस्तरीय संपर्क और मीनाक्षी की गिरफ्तारी से परिदृश्य और भी पेचीदा दिखता है। परिवार की निगाहें अब SIT की निष्पक्ष तथा शीघ्र रिपोर्ट पर टिक गई हैं। जांच एजेंसियों को जल्द ही ठोस साक्ष्य और निष्कर्ष पेश करना होगा ताकि सच्चाई सामने आ सके और न्याय सुनिश्चित हो।
